दिल की धड़कन का ठहरना और बढ़ना आपसे
मेरी उल्फत का उतरना और चढ़ना आप से
मन ही मन में जाने कब कब बातें आपसे हुई
हो के अनबन रूठ जाना फिर सुलझना आपसे
आपसे पहले ये गलियां इस कदर रोशन न थी
घर के आंगन का उजाला और महकना आपसे
पूछते हैं वो खुद ही मेरी परेशानी का राज़
दीवाने दिल का सुलगना और मचलना आपसे
आपसे पहले मेरे ख्वाबों में रानाई न थी
हर तसव्वुर का संवरना और सजना आप से
क्या खता थी आपका तसव्वुर ही कर के सो गए
ख्वाब में नजरें मिलाना और चुराना आप से