Saturday, April 6, 2024

Badala nahi hoon main


मैं, वो मैं, ना रहा, ना सही,

पर बदला नहीं हूं मैं 


जानेमन तू मेरा न सही 

पर तुमसा नहीं हूं मैं 


तेरी बात मेरी याद हो गई 

पर गुजरा नहीं हूं मैं 


शीशे में वो शकल न सही 

पर धुंधला नहीं हूं मैं 


लब पे है बात वो अनसुनी 

जो कहता नहीं हूं मैं


Muskura ke

मैं बिकने तो नहीं जाता हूं बाजार में। फिर भी वो खरीद लेती है मुस्कुरा के मुझे।। मैं दरवाज़ा ही नहीं खोलता हूं यादों की दस्तक पर  वो फिर भी र...

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