Saturday, March 15, 2025

Aap se

 दिल की धड़कन का ठहरना और बढ़ना आपसे

मेरी उल्फत का उतरना और चढ़ना आप से 


मन ही मन में जाने कब कब बातें आपसे हुई

हो के अनबन रूठ जाना फिर सुलझना आपसे  


आपसे पहले ये गलियां इस कदर रोशन न थी 

घर के आंगन का उजाला और महकना आपसे 


पूछते हैं वो खुद ही मेरी परेशानी का  राज़ 

दीवाने दिल का सुलगना और मचलना आपसे 


आपसे पहले मेरे ख्वाबों में रानाई न थी

हर तसव्वुर का संवरना और सजना आप से


क्या खता थी आपका तसव्वुर ही कर के सो गए

ख्वाब में नजरें मिलाना और चुराना आप से

Iss baar Holi par

 अपनी शख्सियत संवार लेते हैं इस बार होली पर

चलो सब रंग उतार लेते हैं इस बार होली पर


मैं भी देखूं ये गुलाबी रंग आता कहां से है

तुम भी देख लेना मेरा अवतार होली पर


रंग जमाने के लिए खेलो या जुनूँ उतारने के लिए

गले मिल मिल के खेलना इस बार होली पर


घर से निकले ही नहीं तो दिल तक कैसे पहुंचेंगे, 

चलो खटखटाते हैं दिल के द्वार इस बार होली पर

Bayaan e ranaai

मुसलसल निगाहों से छलक रही है शराब  ये जहां होश में आये तो आए कैसे  वो कुछ कहते भी नहीं और सुनते भी नहीं उनके मतलब की बात उनको बताएं कैसे  उन...

Other Popular Posts