Saturday, March 15, 2025

Aap se

 दिल की धड़कन का ठहरना और बढ़ना आपसे

मेरी उल्फत का उतरना और चढ़ना आप से 


मन ही मन में जाने कब कब बातें आपसे हुई

हो के अनबन रूठ जाना फिर सुलझना आपसे  


आपसे पहले ये गलियां इस कदर रोशन न थी 

घर के आंगन का उजाला और महकना आपसे 


पूछते हैं वो खुद ही मेरी परेशानी का  राज़ 

दीवाने दिल का सुलगना और मचलना आपसे 


आपसे पहले मेरे ख्वाबों में रानाई न थी

हर तसव्वुर का संवरना और सजना आप से


क्या खता थी आपका तसव्वुर ही कर के सो गए

ख्वाब में नजरें मिलाना और चुराना आप से

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