Saturday, March 15, 2025

Iss baar Holi par

 अपनी शख्सियत संवार लेते हैं इस बार होली पर

चलो सब रंग उतार लेते हैं इस बार होली पर


मैं भी देखूं ये गुलाबी रंग आता कहां से है

तुम भी देख लेना मेरा अवतार होली पर


रंग जमाने के लिए खेलो या जुनूँ उतारने के लिए

गले मिल मिल के खेलना इस बार होली पर


घर से निकले ही नहीं तो दिल तक कैसे पहुंचेंगे, 

चलो खटखटाते हैं दिल के द्वार इस बार होली पर

No comments:

Bayaan e ranaai

मुसलसल निगाहों से छलक रही है शराब  ये जहां होश में आये तो आए कैसे  वो कुछ कहते भी नहीं और सुनते भी नहीं उनके मतलब की बात उनको बताएं कैसे  उन...

Other Popular Posts