Sunday, September 6, 2026

Pareshani

हर आदमी जो परेशान है 

वो परेशान रहना भी चाहता है


वो डूब रहा है मझधार में पर

वो दरिया में बहना भी चाहता है 


मालूम है बात कहने से क्या होगा 

पर वो सुखन कहना भी चाहता है


अंगारे साफ नजर आ रहे हैं राहों में 

पर वो जलन सहना भी चाहता है

Pareshani

हर आदमी जो परेशान है  वो परेशान रहना भी चाहता है वो डूब रहा है मझधार में पर वो दरिया में बहना भी चाहता है  मालूम है बात कहने से क्या होगा  प...

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