Saturday, August 22, 2026

Tareeqay

ख्वाब भी हमको सलीके से नहीं आते 

तरीके से देखता हूं पर तरीके से नहीं आते


घुसा है दिल में तसव्वुर नीमकश 

तीर भी आर-पार तरीके से नहीं आते


पुरानी तालीम है मेरी पुराने मेरे तौर

मुझे नए जमाने के तरीके से नहीं आते


मरासिम न हुए गणित के सवाल हो गये 

आते तो हैं समझ पर तरीके से नहीं आते


इश्क़ करूं या रश्क करूं उस सादगी से

बहाने बनाने भी उन्हें तरीके से नहीं आते 


मेरे पास आते ही उन्हें घड़ी से प्यार हो जाता है

आते तो हैं मिलने पर तरीके से नहीं आते

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Tareeqay

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