Saturday, December 6, 2025

Waah Nahi Ki

उसने कहा था नींद नहीं आती तो छत पर आ जाती हूं

बस तबसे हमने सोते सोते कभी सुबह नहीं की


सारी महफिल तिरछी निगाह से उसको देखती रही 

बस इसलिए उसने इस तरफ निगाह नहीं की


कुछ तो लगा होगा जो वो जाते जाते रूक गए

वैसे उसने कभी मेरे शेर पर वाह नहीं की


उसने नजरें नीचे की और मुस्कुरा के चल दी 

बस तबसे हमने वाह की परवाह नहीं  की


मोहब्बत करने की चीज है सो कर ली 

किसी को पाने में ज़िंदगी तबाह नहीं की

Utanaa nahi kiya

 जितना पागलपन हो सकता था उतना नही किया 

तुझसे प्यार किया बहुत पर उतना नही किया


हद में रह कर किया तो क्या प्यार प्यार नहीं होता 

कैसे बताएं के कितना किया और कितना नहीं किया


डर था, नादानी थी, मजबूरी भी थी मेरी,

घर लौट ही ना पाएं सफर उतना नहीं किया


मस्जिद गए, नमाज पढ़ी पर खतना नहीं किया 

तुझसे प्यार किया बहुत पर उतना नहीं किया

Saturday, March 15, 2025

Aap se

 दिल की धड़कन का ठहरना और बढ़ना आपसे

मेरी उल्फत का उतरना और चढ़ना आप से 


मन ही मन में जाने कब कब बातें आपसे हुई

हो के अनबन रूठ जाना फिर सुलझना आपसे  


आपसे पहले ये गलियां इस कदर रोशन न थी 

घर के आंगन का उजाला और महकना आपसे 


पूछते हैं वो खुद ही मेरी परेशानी का  राज़ 

दीवाने दिल का सुलगना और मचलना आपसे 


आपसे पहले मेरे ख्वाबों में रानाई न थी

हर तसव्वुर का संवरना और सजना आप से


क्या खता थी आपका तसव्वुर ही कर के सो गए

ख्वाब में नजरें मिलाना और चुराना आप से

Iss baar Holi par

 अपनी शख्सियत संवार लेते हैं इस बार होली पर

चलो सब रंग उतार लेते हैं इस बार होली पर


मैं भी देखूं ये गुलाबी रंग आता कहां से है

तुम भी देख लेना मेरा अवतार होली पर


रंग जमाने के लिए खेलो या जुनूँ उतारने के लिए

गले मिल मिल के खेलना इस बार होली पर


घर से निकले ही नहीं तो दिल तक कैसे पहुंचेंगे, 

चलो खटखटाते हैं दिल के द्वार इस बार होली पर

Friday, December 20, 2024

Aisa kuchh nahi

ऐसा कुछ नहीं है हम छुपायें क्या 

कोई पूछे ही नहीं है हम बताएं क्या


शिकवा क्या करें, सवाल करें कैसे 

वो वक्त का मारा है उसे सताएं क्या


उसके हल्की सी मुस्कुराहट लिए होठों पर 

हक़ तो बनता है पर अब जताएं क्या


ऐसे नही मिलता इश्क जान लगानी पड़ती है,

वो मिल तो जायेंगे पर जान लगाएं क्या


इक नजर लगती है हाल ए दिल समझने के लिए 

वो राज़ सारा पढ़ चुके अब बचाएं क्या 


उनको मालूम तो है के मैं कहां रहता हूं

इशारे से आ तो जायेंगे पर अब बुलाएं क्या


तुम जिसकी करते हो परस्तिश हम भी उसी के गुलाम है

खुद्दारी गिरवी रख आएं हैं अब बताएं क्या

Tuesday, December 17, 2024

Itni si mohabbat

 उसको उतनी ही मोहब्बत मिला करती है

आशिक़ का जितने में गुज़ारा हो जाए


अब मैं नहीं देखूंगा उसको उस नजर से कभी 

क्या फायदा गर उसी से इश्क़ दोबारा हो जाए


बात लिहाज की नहीं है पर पर्दा किया करो 

गोया देखते देखते आज फ़िर थोड़ी ज़्यादा हो जाए


चाँद ढूंढता रहता है तुमको उसे देख लिया करो 

क्या फायदा हो अगर टूट के वो ज़माना हो जाए 


ये किसकी कश्ति है कौन है चलाने वाला 

हाथ थाम लो तो बीच समंदर में किनारा हो जाए


सालों हो गए दीद को अब नहीं मिलूंगा उससे 

क्या पता वो और भी प्यारा हो जाए


उसने जाते जाते पलट कर देखा सिर्फ इसलिए 

की डूबते हुए को तिनके का सहारा हो जाए

Saturday, April 6, 2024

Badala nahi hoon main


मैं, वो मैं, ना रहा, ना सही,

पर बदला नहीं हूं मैं 


जानेमन तू मेरा न सही 

पर तुमसा नहीं हूं मैं 


तेरी बात मेरी याद हो गई 

पर गुजरा नहीं हूं मैं 


शीशे में वो शकल न सही 

पर धुंधला नहीं हूं मैं 


लब पे है बात वो अनसुनी 

जो कहता नहीं हूं मैं


Muskura ke

मैं बिकने तो नहीं जाता हूं बाजार में। फिर भी वो खरीद लेती है मुस्कुरा के मुझे।। मैं दरवाज़ा ही नहीं खोलता हूं यादों की दस्तक पर  वो फिर भी र...

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